Zomato Shares Skyrocket to ₹299.80 – Long-Term Investors Rejoice

Eternal (Zomato

जोमैटो की स्थापना वर्ष 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्डा ने की थी। इसकी शुरुआत एक सिंपल वेबसाइट के रूप में हुई थी, जिसका नाम था Foodiebay, जो ऑफिसों में काम करने वाले लोगों को रेस्टोरेंट के मेन्यू देखने की सुविधा देती थी। बाद में इसका नाम बदलकर Zomato रख दिया गया और यह एक प्रमुख फूड डिलीवरी और रेस्टोरेंट डिस्कवरी प्लेटफॉर्म बन गया।

जोमैटो का मुख्य उद्देश्य लोगों को तेज़, सुविधाजनक और भरोसेमंद फूड डिलीवरी की सेवा देना है। इसके साथ ही यह प्लेटफॉर्म यूज़र्स को रेस्टोरेंट की रेटिंग्स, रिव्यू, लोकेशन और मेन्यू देखने की सुविधा भी देता है, जिससे वे बेहतर निर्णय ले सकें। समय के साथ कंपनी ने अपनी सेवाओं का विस्तार क्लाउड किचन, ग्रोसरी डिलीवरी (Blinkit) और रेस्टोरेंट सप्लाई (Hyperpure) जैसे क्षेत्रों में भी किया है। इसका उद्देश्य खाद्य सेवा को तकनीक से जोड़कर लोगों के जीवन को सरल बनाना है।

जोमैटो की मौजूदगी (Zomato Presence in )

Zomato (अब इटरनल लिमिटेड) की मौजूदगी मुख्य रूप से भारत में है, जहां यह देश के लगभग हर प्रमुख शहर और हजारों कस्बों में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सेवा देती है। कंपनी ने अपनी शुरुआत दिल्ली-एनसीआर से की थी, लेकिन आज इसकी सेवाएं मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे, जयपुर, पटना, लखनऊ, भोपाल जैसे 1,000+ शहरों तक फैल चुकी हैं।

जोमैटो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ देशों में अपने पांव पसारे, जैसे:

  • UAE (दुबई, अबू धाबी)
  • कतर
  • फिलीपींस
  • इंडोनेशिया
  • श्रीलंका
  • लेबनान
    हालांकि, अब कंपनी ने अपना फोकस भारत के बाजार पर केंद्रित कर दिया है और विदेशों में मौजूदगी सीमित कर दी है।

इसके अलावा, जोमैटो की ग्रोसरी डिलीवरी यूनिट Blinkit और रेस्टोरेंट सप्लाई सर्विस Hyperpure भी भारत में ही तेजी से विस्तार कर रही हैं।

जोमैटो अब एक मल्टी-बिजनेस टेक प्लेटफॉर्म बन चुका है जो भारत के खाद्य, किराना और सप्लाई चेन सेक्टर को टेक्नोलॉजी से जोड़ रहा है।

जोमैटो की शेयर बाजार में लिस्टिंग

Zomato (अब Eternal Limited) ने भारतीय शेयर बाजार में 23 जुलाई 2021 को कदम रखा था। यह भारत की पहली बड़ी फूड-टेक कंपनी थी जिसने IPO (Initial Public Offering) के जरिए निवेशकों को हिस्सा दिया। IPO का साइज ₹9,375 करोड़ था और इसका इश्यू प्राइस ₹72–76 प्रति शेयर तय किया गया था। जोमैटो का शेयर NSE और BSE दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट हुआ।

लिस्टिंग के दिन ही यह शेयर लगभग 53% प्रीमियम के साथ ₹115 पर खुला और निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। हालांकि शुरुआती महीनों में शेयर ने उतार-चढ़ाव देखा, लेकिन दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह एक मजबूत ग्रोथ स्टॉक साबित हुआ।

2025 में कंपनी ने अपना कॉर्पोरेट नाम बदलकर Eternal Limited रख लिया, जिससे यह केवल फूड डिलीवरी ही नहीं बल्कि ग्रॉसरी (Blinkit) और रेस्टोरेंट सप्लाई (Hyperpure) जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी को दर्शा सके।

आज इसका शेयर ₹299.80 पर ट्रेड कर रहा है, यानी 158% से अधिक की वृद्धि, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

Eternal (Zomato) की पहली तिमाही में 69% की दमदार कमाई, लेकिन मुनाफा घटा

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) में Eternal Limited (पूर्व में Zomato) ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी ने कुल ₹7,521 करोड़ की कमाई दर्ज की, जो कि पिछले साल की समान तिमाही (₹4,442 करोड़) की तुलना में 69.31% ज्यादा है। यह वृद्धि कंपनी की सेवाओं में लगातार बढ़ती मांग और बाजार में मजबूत पकड़ को दर्शाती है।

हालांकि, राजस्व में भारी बढ़त के बावजूद शुद्ध मुनाफे में गिरावट देखने को मिली। टैक्स, कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्चों के बाद कंपनी का नेट प्रॉफिट सिर्फ ₹25 करोड़ रहा, जो कि सालाना आधार पर 90% की गिरावट है। पिछले साल की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹253 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था।

इस गिरावट का कारण बढ़ती लागतें, ऑपरेशनल इनवेस्टमेंट और संभावित एकमुश्त खर्च हो सकते हैं। हालांकि, राजस्व की तेज़ वृद्धि यह दिखाती है कि Eternal की लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्ट्रैटेजी मजबूत है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि कंपनी अब स्केल पर ध्यान दे रही है, और मुनाफा आने वाले समय में स्थिर हो सकता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer):

इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है। यहां प्रस्तुत आंकड़े, शेयर की कीमतें, रेवेन्यू या मुनाफे से संबंधित विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित हैं। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह (Investment Advice) नहीं है।

शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय को लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।