शेयर बाजार में दो दिन की बड़ी गिरावट: निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी

शेयर बाजार

शेयर बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 721 अंक लुढ़का, निफ्टी 225 अंक टूटा

शुक्रवार, 25 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 721 अंक टूटकर 81,463 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 225 अंक गिरकर 24,837 पर पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा नुकसान बजाज फाइनेंस को हुआ, जो 4.78% टूटा। पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व जैसे दिग्गज शेयरों में भी 1% से 2.6% तक की गिरावट रही।

निफ्टी के 50 में से 43 शेयर लाल निशान में बंद हुए। सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया में सबसे ज्यादा 2.61% की गिरावट रही। इसके अलावा सरकारी बैंक, मेटल, आईटी और ऑटो सेक्टर भी नुकसान में रहे। सिर्फ फार्मा इंडेक्स 0.54% की मामूली तेजी के साथ बंद हुआ। निवेशकों के लिए बाजार फिलहाल अस्थिर बना हुआ है।

बाजार की प्रमुख बातें: सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर गिरे

25 जुलाई को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के साथ सेंसेक्स के लगभग सभी शेयर नुकसान में रहे। सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि केवल एक शेयर मामूली तेजी के साथ बंद हुआ। सबसे अधिक नुकसान बजाज फाइनेंस को हुआ, जिसका शेयर 4.78% गिर गया। इसके अलावा पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, और बजाज फिनसर्व सहित करीब 15 शेयरों में 1% से 2.6% तक की गिरावट दर्ज की गई।

यह गिरावट बाजार में नकारात्मक सेंटीमेंट, वैश्विक दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का परिणाम रही। सेक्टोरियल स्तर पर भी कमजोर प्रदर्शन देखा गया, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। बाजार की मौजूदा स्थिति निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत देती है, खासकर शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वालों के लिए।

निफ्टी का हाल: अधिकांश शेयरों में गिरावट, फार्मा सेक्टर में हल्की तेजी

25 जुलाई को निफ्टी में भी सेंसेक्स की तरह बड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी के 50 में से 43 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 7 शेयरों में तेजी रही। सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया इंडेक्स सबसे कमजोर रहा, जिसमें 2.61% की गिरावट देखी गई। इसके अलावा सरकारी बैंकिंग सेक्टर में 1.70%, मेटल में 1.64%, आईटी में 1.42%, और ऑटो सेक्टर में 1.27% की गिरावट दर्ज की गई।

इन सभी सेक्टरों में लगातार दबाव बना हुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है। हालांकि, गिरावट के बीच फार्मा सेक्टर ने थोड़ी राहत दी और यह 0.54% की तेजी के साथ बंद हुआ। यह दर्शाता है कि डिफेंसिव सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, जबकि बाकी क्षेत्रों में फिलहाल सतर्कता बरतना जरूरी है।

25 जुलाई 2025 – भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 721 अंक टूटकर 81,463 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 225 अंक फिसलकर 24,837 पर आ गया। सेंसेक्स के 30 में से केवल 1 स्टॉक में तेजी रही, जबकि बाकी सभी गिरावट के साथ बंद हुए।

🔻 बजाज फाइनेंस में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई – -4.78%
🔻 पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व के शेयर 1% से 2.6% तक टूटे
🔻 निफ्टी के 50 में से 43 शेयर लाल निशान में बंद हुए

सेक्टोरियल प्रदर्शन:

  • मीडिया: -2.61%
  • सरकारी बैंकिंग: -1.70%
  • मेटल: -1.64%
  • आईटी: -1.42%
  • ऑटो: -1.27%
     केवल फार्मा सेक्टर +0.54% की तेजी के साथ बंद हुआ

कुल मिलाकर बाजार में बिकवाली का दबाव हावी रहा और निवेशकों के लिए यह हफ्ता कमजोर रहा।

24 जुलाई 2025 – पहले ही दिखा था गिरावट का संकेत

गुरुवार, 24 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट की शुरुआत हो चुकी थी, जो अगले दिन और गहरा गई। सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 82,184 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 158 अंक टूटकर 25,062 पर आ गया। इस दिन भी कई दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ट्रेंट, टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों में 4% तक की गिरावट देखी गई।

हालांकि कुछ शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जैसे जोमैटो, टाटा मोटर्स और सन फार्मा, जिनमें 3.5% तक की तेजी रही। सेक्टोरियल स्तर पर भी उतार-चढ़ाव रहा – निफ्टी IT इंडेक्स में -2.21%, FMCG में -1.12%, और रियल्टी में -1.04% की गिरावट हुई।

वहीं, मेटल, फार्मा और सरकारी बैंक इंडेक्स में 1.2% तक की बढ़त दर्ज की गई, जो बाजार में कुछ संतुलन लेकर आए। यह साफ संकेत था कि बाजार दबाव में है।

ग्लोबल मार्केट अपडेट: मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला

दुनियाभर के शेयर बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 0.88% की गिरावट के साथ 41,456 पर बंद हुआ, जबकि कोरिया का कोस्पी 0.18% की बढ़त के साथ 3,196 पर रहा। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.09% टूटकर 25,388 पर पहुंचा, वहीं चीन का शंघाई कंपोजिट 0.33% की गिरावट के साथ 3,594 पर बंद हुआ।

दूसरी ओर, अमेरिका के बाजारों में तेजी देखने को मिली। 24 जुलाई को डाउ जोन्स 0.70% चढ़कर 44,694 पर बंद हुआ। नैस्डेक ने 0.18% की बढ़त के साथ 21,058 का स्तर छुआ, जबकि S&P 500 में मामूली 0.070% की तेजी आई और यह 6,363 पर बंद हुआ।

इस डेटा से साफ है कि अमेरिकी बाजारों में निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव रहा, जबकि एशियाई बाजारों में कुछ दबाव नजर आया।

विदेशी निवेशक भारी बिकवाली में सक्रिय, घरेलू निवेशकों का समर्थन जारी

भारतीय शेयर बाजार में जुलाई 2025 के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। 24 जुलाई को FIIs ने ₹2,133.69 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे महीनेभर में अब तक उनकी कुल नेट बिकवाली ₹28,528.70 करोड़ हो चुकी है।

इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया है। उन्होंने जुलाई में अब तक ₹37,687.38 करोड़ की नेट खरीदारी की है, जो बाजार में संतुलन बनाए रखने में मददगार रही है।

पिछले महीने यानी जून 2025 में तस्वीर थोड़ी अलग थी। उस समय FIIs ने ₹7,488.98 करोड़ के शेयर खरीदे थे, जबकि DIIs की खरीदारी ₹72,673.91 करोड़ तक पहुंच गई थी।

जुलाई में विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में दबाव बढ़ा है, जबकि घरेलू निवेशकों की आक्रामक खरीदारी ने बड़ी गिरावट को काफी हद तक थामने में मदद की है।

क्या है निवेशकों के लिए संकेत?

24 और 25 जुलाई को बाजार में आई भारी गिरावट कई संकेत दे रही है। यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक अस्थिरता, विदेशी निवेशकों (FIIs) की आक्रामक बिकवाली और मीडिया, IT, ऑटो जैसे सेक्टर्स में दबाव के कारण देखी गई।

हालांकि, बाजार की तेज गिरावट के बीच घरेलू निवेशकों (DIIs) की मजबूत खरीदारी ने नुकसान को कुछ हद तक संतुलित किया। जुलाई में FIIs की बिकवाली ₹28,000 करोड़ से अधिक रही, वहीं DIIs ने ₹37,000 करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की।

यह परिदृश्य साफ करता है कि बाजार फिलहाल अस्थिर दौर में है। निवेशकों को अगले सप्ताह की शुरुआत से पहले सतर्क रहना चाहिए। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग से बचना और लंबी अवधि के निवेश दृष्टिकोण से ही फैसले लेना समझदारी होगी।

डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह लेख/जानकारी केवल शैक्षणिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी को निवेश सलाह (Investment Advice) के रूप में न लें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह अवश्य लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।